1. अगर कोई व्यक्ति अपने हिस्से से ज्यादा जमीन बेचता है, कानूनी कार्रवाई होगी , फ्रॉड और धोखाधड़ी का मुकदमा (Criminal Case): यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर अधिक हिस्सा बेचता है या किसी दूसरे के हिस्से की जमीन बेचता है, तो खरीदार या अन्य पीड़ित हिस्सेदार द्वारा उस व्यक्ति के खिलाफ धोखाधड़ी (IPC/BNS की सुसंगत धाराओं के तहत) और जालसाजी का आपराधिक मामला दर्ज कराया जा सकता है।
2.आम लोगों की शिकायतों पर देना होगा ध्यान , नई व्यवस्था में आम नागरिकों की शिकायतों और समस्याओं के समय पर निपटारे पर भी जोर दिया गया है। लोगों को अंचल कार्यालय से संबंधित सेवाओं के लिए अनावश्यक परेशानी न हो, इसके लिए अधिकारियों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
3. पारदर्शिता और मॉनिटरिंग: जमीन के मामलों में किसी भी तरह की मनमानी रोकने के लिए सीओ के कार्यों की निगरानी जिला और प्रमंडल स्तर पर की जा रही है। उन्हें भूमि विवादों के त्वरित निष्पादन और अवैध अतिक्रमण या फर्जीवाड़े पर तुरंत रोक लगाने के आदेश हैं।
4. जमाबंदी और उत्तराधिकार सुधार: बिहार सरकार ने भूमि रिकॉर्ड्स को पारदर्शी बनाने के लिए विशेष अभियान चलाए हैं। सीओ को यह स्पष्ट निर्देश है कि वे मृत जमाबंदीदारों की सही पहचान कर राजस्व कर्मचारियों के माध्यम से वंशावली तैयार करवाएं और वैध उत्तराधिकारियों के नाम पर ही म्यूटेशन (दाखिले-खारिज) की प्रक्रिया पूरी करें।
5. समय पर कार्रवाई के निर्देश, सरकार की ओर से CO स्तर पर लंबित मामलों की समीक्षा और आवश्यक कार्रवाई पर भी ध्यान देने को कहा गया है। संबंधित मामलों में निर्धारित समयसीमा और विभागीय नियमों का पालन करना महत्वपूर्ण होगा।
बिहार में CO के लिए सरकार ने जारी की स्पष्ट गाइडलाइन I जमीन के विवादों और फर्जीवाड़े को रोकने के लिए सरकार ने अंचल अधिकारियों (CO) को सख्त निर्देश दिए हैंI














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